CSMCL में 115 करोड़ का ओवरटाइम घोटाला, EOW ने 2 आरोपी को किया गिरफ्तार…अनवर ढेबर तक पहुंचता था कमीशन की रकम
अनुराग कुमार, रायपुर, 21 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के बहुचर्चित ओवरटाइम भुगतान घोटाले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक कुमार सिंह और तिजऊ राम निर्मलकर शामिल हैं, जो ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड से जुड़े बताए जा रहे हैं। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद 27 अप्रैल 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
जांच के अनुसार, साल 2019 से 2024 के बीच CSMCL में मैनपावर और प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए ओवरटाइम भत्ते के नाम पर बड़े पैमाने पर भुगतान किया गया। करीब 115 करोड़ रुपये ओवरटाइम के नाम पर जारी किए गए, यह राशि वास्तविक कर्मचारियों तक नहीं पहुंची, आरोप है कि पैसे को अधिकारियों और अन्य लोगों में बांट लिया गया |

नियमों के अनुसार यह रकम शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त भुगतान के रूप में दी जानी थी, लेकिन एजेंसियों के माध्यम से बिलिंग कर रकम का दुरुपयोग किया गया।
कैसे हुआ खुलासा?
इस मामले का खुलासा तब हुआ था जब 29 सितंबर 2023 को प्रवर्तन निदेशालय ने तीन व्यक्तियों के पास से 28 लाख रुपये बरामद किए थे. इस बारे में राज्य सरकार को जानकारी दी गई थी. इसके बाद EOW ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी. नियम के अनुसार ये राशि शराब की दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त भुगतान के रूप में मिलनी थी. एजेंसियों को बिल के जरिए भुगतान किया जाता था, ताकि कर्मचारियों को राशि वितरित की जा सके

अनवर ढेबर से भी पूछताछ
इस मामले में कारोबारी और रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर को भी EOW ने कस्टोडियल रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। आरोप है कि घोटाले की बड़ी रकम उनके पास पहुंची है, पूछताछ के बाद उनके खिलाफ नया केस भी दर्ज किया गया है |
जांच जारी, और बढ़ सकती है कार्रवाई
EOW अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, कई अधिकारियों और एजेंसियों की भूमिका सामने आ सकती है, घोटाले का दायरा और बढ़ सकता है |










